नजरिया
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नजरिया : भाजपा को अपनी रणनीति बदलनी होगी : धीरज फूलमती सिंह
धीरज फूलमती सिंह । एक आम भारतीय महानगरी चार सदस्यो वाले परिवार की मूल जरूरतें क्या होती है ? मकान,…
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कमजोर नेतृत्व की वजह से कोई भी वैश्य समाज को जेब में रखने का दुस्साहस करने लगा है? शैलेंद्र बरनवाल
‘‘ब्राह्मण-बनिया मेरी जेब में हैं।’’ ये घटिया वक्तव्य जितना नींदनीय है, उतना ही हमारे लिए चिंतनीय। चिंतनीय इसलिए है क्योंकि…
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हिंदी की आज जो दशा है सब बच्चन जी के कारण है : के के अस्थाना
के के अस्थाना । अब जा कर पता लगा कि हिंदी की आज जो हालत है वह आखिर है क्यों…
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रविवार मोटीवेशन : डरिए मत, कोरोना में ठीक होने वाले लोगो की संख्या भी बहुत बड़ी है, महामारी कोरोना नहीं हमारी निराशा है उससे बाहर आइये
आशु भटनागर । लगातार आ रही कोरोना की नकारात्मक खबरों और अपने आस पास बढ़ रहे संक्रमित लोगो की सूचना…
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ऑनलाइन क्लासेस के साइड इफेक्ट, बच्चो में शिक्षा को लेकर गंभीरता हुई कम, बदले माहौल में कोचिंग/ट्यूशन सेंटर एवं स्कूल बंद होने के कगार पर : शैलेंद्र बर्णवाल
भारत में लाखों की संख्या में ट्यूटर एवं कोचिंग संचालक है जो खामोशी से इमानदारी लगन और मेहनत से संपूर्ण…
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कांग्रेस में बिखराव : क्या सिब्बल अब एन डी तिवारी, शरद पवार की राह पर है ?
कांग्रेस में भले ही कल सोनिया गांधी को फिर से पार्टी का अंतरिम अध्यक्ष 6 महीने के लिए मान लिया…
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दिल्ली और केंद्र सरकार में लड़ाई अधिकतम राजनीतिक लाभ का है, अगर सौ दो सौ लोग मर भी जायें तो क्या है – राकेश कायस्थ
राकेश कायस्थ I कोरोना काल में राजधानी दिल्ली अपने आप में एक केस कस्डटी है। केस स्टडी हर बड़ा शहर…
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लॉक डाउन स्टोरीज :कोटा में फंसे भूखे छात्रों को उनके घर पहुंचाकर कोरोना महामारी में असली नायक बनकर उभरे योगी आदित्यनाथ : आकाश नागर
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी कामकाज पूर्ण शैली के चलते काफी चर्चित हो रहे हैं । देखा जाए…
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कोरोना वायरस के डर से होली फीकी ना हो,सामूहिक के जगह पारिवारिक होली बनाए :शैलेन्द्र बरनवाल
कोरोना वायरस के डर से होली फीकी ना हो,सामूहिक के जगह पारिवारिक होली बनाएं……होली प्यार रंग उल्लास एवं ऊर्जा का…
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थकने लगा है शाहीन बाग़ : वापसी का रास्ता खोज रहे हैं लोग
शाहीन बाग़ थकने लगा है , कभी वहां ५००० लोगो की भीड़ थी अब बमुश्किल २०० लोगो की भी मुश्किल…
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