भारत

बिल्डर की हत्या मामले में आज पुलिस कर सकती है बड़ा खुलासा

नई दिल्ली,। अरबपति बिल्डर व कारोबारी दीपक भारद्वाज के हत्यारों व साजिशकर्ताओं की पहचान कर ली गई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक दोनों हत्यारों समेत सात आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। उनसे पूछताछ कर पुलिस हत्या में इस्तेमाल हथियार व हत्या के मकसद का पता लगाने में जुटी है। इसलिए बृहस्पतिवार को केस के खुलासे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई। बताया जाता है कि वारदात में इस्तेमाल स्कोडा लॉरा कार समेत चार स्कोडा व एक सेंट्रो कार भी जब्त की गई है। संभवत: शुक्रवार को पुलिस इस मामले का खुलासा कर सकती है।

हरियाणा के जींद जिले के डीएसपी ओम सिंह बल्हारा व एसपी बलवंत सिंह ने कहा है कि दिल्ली पुलिस ने सात आरोपियों राकेश, सुनील, पुरुषोत्तम, वीरेंद्र, धर्मवीर, अनिल व एक अन्य को वहां से हिरासत में लिया है। दिल्ली पुलिस सूत्रों का कहना है कि सुनील व पुरुषोत्तम ने ही दीपक भारद्वाज की गोली मारकर हत्या की है। दोनों उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के रहने वाले हैं। घटना के समय फार्महाउस के गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरे में हाथों में पिस्टल लिए भागते जिन दो हत्यारों की तस्वीरें कैद हुई हैं, वे सुनील और पुरुषोत्तम ही हैं।

हालांकि, दक्षिण जिले की डीसीपी छाया शर्मा ने इसका खंडन किया है। छाया शर्मा का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज व तफ्तीश के आधार पर यह साफ हुआ है कि दीपक भारद्वाज की हत्या भाड़े के हत्यारों से कराई गई है। पुलिस ने जिन सात लोगों को हिरासत में लिया है, उनमें सभी की किसी न किसी रूप में भारद्वाज की हत्या में संलिप्तता है। किसी ने कार मुहैया कराई तो किसी ने हथियार आदि। इसकी जांच की जा रही है। उनका कहना है कि अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि प्रॉपर्टी को लेकर पारिवारिक विवाद या कारोबारी रंजिश के कारण हत्या कराई गई है।

हत्या के बाद सभी आरोपी सिल्वर ग्रे रंग की स्कोडा लॉरा कार से भागे थे। पुलिस ने दिल्ली व हरियाणा से इस तरह की चार कारें जब्त की हैं। हत्यारों की कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी, इसलिए इनकी जांच की जा रही है। घटना वाले दिन हत्यारे वारदात के बाद कार से हरियाणा भाग गए थे। वहां कहीं पर स्कोडा कार छोड़ बदमाश सेंट्रो कार से अपने ठिकाने को भागे थे। पुलिस ने उसी सेंट्रो को जब्त किया है। बुधवार रात दिल्ली पुलिस की टीम भारत सिनेमा के पास बख्शी मोहल्ला पहुंची थी। वहां नरेंद्र नाम के व्यक्ति के घर छापा मारकर वीरेंद्र, अनिल व धर्मवीर को हिरासत में लिया व सेंट्रो कार भी जब्त कर ली। नरेंद्र पेशे से दर्जी है। अनिल हांसी का जबकि वीरेंद्र व धर्मवीर झज्जर के रहने वाले हैं। इनसे मिली जानकारी के आधार पर अन्य चार को पकड़ा गया।

दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक वारदात में जिस स्कोडा लॉरा कार का इस्तेमाल किया गया वह सुनील ने चार महीने पहले 8 लाख रुपये में राकेश के नाम पर सेकेंड हैंड खरीदी थी। राकेश ने पूछताछ में बताया कि कार उसके पास रहती थी। वारदात वाले दिन सुनील उससे कार मांगकर ले गया था। वह घटना के वक्त साथ में नहीं था, जबकि पुलिस सूत्र के मुताबिक वही कार चला रहा था।

सुनील सोनीपत का रहने वाला है किंतु इस समय वह बाहरी दिल्ली के अलीपुर में रह रहा था। पुरुषोत्तम खेड़ा खुर्द गांव (हरियाणा) का रहने वाला है। पुरुषोत्तम व सुनील में से कोई एक दीपक भारद्वाज का पहले कर्मचारी रहा है। पुलिस की कई टीमें दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में छापेमारी कर रही है। उधर, हरियाणा के पुलिस महानिदेशक एसएन वशिष्ठ का कहना है कि यदि दीपक भारद्वाज हत्याकांड में दिल्ली पुलिस आगे भी कोई सहयोग चाहेगी तो उसे प्रदान किया जाएगा।

NCR Khabar News Desk

एनसीआर खबर.कॉम दिल्ली एनसीआर का प्रतिष्ठित और नं.1 हिंदी समाचार वेब साइट है। एनसीआर खबर.कॉम में हम आपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय,सुझाव और ख़बरें हमें mynews@ncrkhabar.com पर भेज सकते हैं या 09654531723 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं

Related Articles

Back to top button