संपादकीय
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भाषा पर सवाल या भाषा का बवाल ? रंजय त्रिपाठी
पापुआ न्यु गिनिया की जनसँख्या लगभग 6 लाख है और वहां पे 820 भाषाएँ बोली जाती हैं, इसका मतलब लगभग…
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मोदीजी ६ महीने
पत्रकारों की अपेक्षाएं सबसे ज्यादा है. वो अपेक्षा करते हैं की ओ पी सिंह या दिनेश (PA) का उनके पास…
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आप से तुम ..तुम से तू ..क्या ये सही है ?-दीपक शर्मा
अरविन्द केजरीवाल ने साल भर में हिंदुस्तान की सियासत में अपने लिए जगह बनाई है इस सच से कोई इंकार…
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धर्मनिरपेक्ष बुद्धिजीवियों की हराम होती नींद और भय
अरुण कुमार त्रिपाठी। जैसे जैसे आम चुनाव अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है और कई मध्यमार्गी और वाम झुकाव रखने वाले चैनलों…
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गठबंधन की सरकार नीतियों के क्रियान्वयन में बाधक
कन्हिया झा इस चुनाव के माहौल में प्रधानमंत्री पर लिखी गयी श्री संजय बारू (लेखक) की पुस्तक बहुत चर्चा में…
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वोट के लिए बलात्कार भी माफ़! वाह मुलायम सिंह जी, वाह!
वोट के लिए बलात्कार भी माफ़! राजनीति के नाबदान में ये राग ग़लीज़ की नयी तान है! वाह मुलायम सिंह…
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भारतीय विकास प्रतिमान की आवश्यकता
आज़ादी के बाद देश को 15 वर्ष से भी कम समय में विकसित करने के लिए सिंचाई एवं बिजली उत्पादन…
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राजनीति के भारतीय मानक और चाणक्य की दृष्टि
देश में आम चुनाव होने वाले हैं. देश की दो मुख्य पार्टियों के अलावा अनेक राज्य स्तरीय पार्टियां मैदान में…
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अरविन्द एक बार सोच लो …बनारस कहीं ठग ना ले
क्या अजीब इत्तेफाक है ….बनारस के तीनो उम्मीदवार मोदी, मुख़्तार और केजरीवाल तीनो से ही जान पहचान है. तीनो से…
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मुल्क को मोतियाबिंद से बचाएं
गणतंत्र दिवस पर बधाई. पर राष्ट्र पर्व के इस मौके पर एक गुजारिश …समूची मीडिया को पेड मीडिया मत कहिये.…
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