संपादकीय
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इफ्तार से रफ्ता – रफ्ता रिश्तों को रफ्तार : अमर आनंद
अमर आनंद । लालू के परम मित्र और कभी कभार चरम शत्रु अब एक बार फिर उनके परिवार के पास…
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संयोग, प्रयोग और आदित्यनाथ का योग : अमर आनंद
अमर आनंद I योगी फिर से आ चुके हैं। साथियों के साथ यूपी में जीत के बाद जश्न में लखनऊ…
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औरत बिकती है,बोलो खरीदोगे? धीरज फूलमती सिंह
औरत ममता की मूर्ती होती है,नेक दिल होती है, रहम दिल होती है। विश्व का ऐसा कोई धर्म नही है…
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कृषि उत्थान के बीच किसान और बजट पर मोदी सरकार की नीति कितनी कारगर : प्रो. (डॉ) सुबोध भटनागर
प्रो. (डॉ) सुबोध भटनागर । किसानों से संबंधित तीनो कानूनों पर लंबी ऊहापोह के बाद उनकी वापसी के साथ किसान भी…
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हिंदी पत्रकारिता तो जैसे वैटिलेटर पर अपनी आखरी सांसे गिन रही है : धीरज फूलमती सिंह
हाल ही में ईकरा फाऊँडेशन द्वारा एक सर्वे हुआ था,जिसमे यह बात उभरकर आयी कि लोग सबसे ज्यादा अविश्वास पत्रकारों…
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नजरिया : भाजपा को अपनी रणनीति बदलनी होगी : धीरज फूलमती सिंह
धीरज फूलमती सिंह । एक आम भारतीय महानगरी चार सदस्यो वाले परिवार की मूल जरूरतें क्या होती है ? मकान,…
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कमजोर नेतृत्व की वजह से कोई भी वैश्य समाज को जेब में रखने का दुस्साहस करने लगा है? शैलेंद्र बरनवाल
‘‘ब्राह्मण-बनिया मेरी जेब में हैं।’’ ये घटिया वक्तव्य जितना नींदनीय है, उतना ही हमारे लिए चिंतनीय। चिंतनीय इसलिए है क्योंकि…
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हिंदी की आज जो दशा है सब बच्चन जी के कारण है : के के अस्थाना
के के अस्थाना । अब जा कर पता लगा कि हिंदी की आज जो हालत है वह आखिर है क्यों…
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रविवार मोटीवेशन : डरिए मत, कोरोना में ठीक होने वाले लोगो की संख्या भी बहुत बड़ी है, महामारी कोरोना नहीं हमारी निराशा है उससे बाहर आइये
आशु भटनागर । लगातार आ रही कोरोना की नकारात्मक खबरों और अपने आस पास बढ़ रहे संक्रमित लोगो की सूचना…
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ऑनलाइन क्लासेस के साइड इफेक्ट, बच्चो में शिक्षा को लेकर गंभीरता हुई कम, बदले माहौल में कोचिंग/ट्यूशन सेंटर एवं स्कूल बंद होने के कगार पर : शैलेंद्र बर्णवाल
भारत में लाखों की संख्या में ट्यूटर एवं कोचिंग संचालक है जो खामोशी से इमानदारी लगन और मेहनत से संपूर्ण…
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