डॉग शेल्टर के नाम पर माल हथियाने के चक्कर में पहले परेशान करेंगे और खाएंगे मलाई, यही गंदा है पर धंधा है… कुत्ता प्रेमी गैंग पर बिफरे बिसरख भाजपा मंडल अध्यक्ष रवि भदोरिया
कुत्ता प्रेमी गैंग द्वारा एनसीआर खबर को ट्रोल किए जाने के खिलाफ अब सामाजिक और राजनैतिक लोग आवाज उठाने लगे है । आपको बता दें कि नोएडा की एक सोसाइटी में कुत्ता प्रेमी गैंग की 3 महिलाओं पर रेजिडेंट मूवमेंट एरिया में खाना खिलाने पर जुर्माने लगाने की खबर (मूल खबर के लिए क्लिक करें ) पर दिल्ली एनसीआर के ट्रॉल्स ने एनसीआर खबर को ट्रोल किया था

जिसके बाद अब बिसरख भाजपा मंडल अध्यक्ष रवि भदोरिया ने इनके कामों की पोल खोलते हुए गंदा है पर धंधा है कहा है
रवि ने अपने ट्वीट में कहा कि कुत्ता प्रेमी गैंग का आतंक ग्रेनोवेस्ट में बढ़ता जा रहा है… ये अथॉरिटी से डॉग शेल्टर के नाम पर माल हथियाने के चक्कर में पहले परेशान करेंगे आम निवासियों को, फिर अथॉरिटी से बोलेंगे हम पालेंगे इन आवारा कुत्तों को और खाएंगे मलाई। यही गंदा है पर धंधा है…

एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया के नाम पर धमकाते है AOA को
एनसीआर खबर को यह भी जानकारी मिली है कि कुत्ता प्रेमी गैंग के लोग नोएडा ग्रेटर नोएडा में AOA को सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर और जानवरों के अत्याचार के नाम पर पुलिस और कोर्ट के नाम पर धमकाते है हालात इस कदर खराब है किए कुछ महीने पहले ग्रेटर नोएडा वेस्ट में गौर सिटी पुलिस चौकी इंचार्ज के खिलाफ इसलिए कंप्लेंट कर दिए थे क्योंकि चौकी इंचार्ज ने कुत्तों को देख रहे एक शख्स के खिलाफ बिना शिकायत दर्ज किए कार्यवाही करने से मना कर दिया था इन लोगों का मानना है इंसानियत को बचाना जरूरी नहीं है सिर्फ जानवरों को बचाना जरूरी है इसीलिए जब किसी रेजिडेंट के बच्चे को कोई स्ट्रीट डॉग काट लेता है तो यह उसको धमकाने लगते हैं कि वह कोई कंप्लेंट ना करें जबकि कायदे से अगर ये एनजीओ के लोग स्ट्रीट डॉग के अधिकारों की लड़ाई लड़ते है तो उनके द्वारा काटे जाने पर पीड़ित को मुआवजा भी दिया करें

कमाल की बात ये है कि जिस एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया से ये लोग मेल करवा रहे है वो सरकार द्वारा संचालित कोई संस्था है इसके कोई प्रमाण उसकी वेबसाइट ( AWBI.IN) पर उपलब्ध नहीं है। ना ही ये वेबसाइट सरकार के डोमेन एक्सटेंशन (gov.in) पर है। ये सामान्य वावसायिक एक्सटेंशन (.in) है । और इसका मुख्य आफिस दिल्ली की जगह बल्लभगढ़ के सीकरी गांव में है साथ ही इसका ईमेल भी सरकार के सर्वर पर ना होकर जीमेल जैसे प्लेटफार्म पर है जिससे इसके सरकारी संस्था होने के दावे पर सवाल उठते है । हां लोगो को दिखाने के लिए इसने भारत सरकार का चिह्न वेबसाइट के नीचे वाले हिस्से में दिया हुआ है
इस वेबसाइट को देखने पता चलता हैं इसमें लिखी जानकारी के अनुसार इसका काम सरकार को जीव जंतुओं से संबंधित सलाह देना है । लेकिन ये सीधे तौर पर किसी भी तरह का आदेश लोगो को किस आधार पर दे रही है इसकी कोई जानकारी नहीं है। मगर कुत्ता प्रेमी गैंग एक आदेश मेल पर दिखा रहा है जिसमे नोएडा की एक AOA को कुछ आदेश दिए जा रहे है जो की जीमेल की आईडी से है और इसमें शामिल सभी ईमेल जीमेल या याहू के है जो किसी सरकारी संस्था में नहीं होते है। ऐसे ईमेल आईडी निजी संस्थाएं या एनजीओ करती है जो किसी तरह के आदेश नही दे सकती है वो सिर्फ AOA या आरडब्ल्यूए से रिक्वेस्ट कर सकती हैं

इस वेबसाइट पर एनिमल प्रोटेक्शन के नाम पर रूल्स की कुछ पीडीएफ है । इसके सरकारी संस्था ना होने पर सवाल उठने का एक कारण ये भी हैं कि इसकी वेबसाइट पर आरटीआई से संबंधित कोई जानकारी नहीं है जिससे ये संस्था अपने या सरकार से संबिधित बातो पर कोई जवाब दे सके हालांकि इस संस्था को मिनिस्ट्री ऑफ़ फिशिंग से संबद्ध दिखाया गया है कुछ आईएएस और रिटायर अधिकारियों को इसमें शामिल दिखाया गया है।
ऐसे में भारत सरकार के गृह मंत्रालय को इस संस्था को लेकर अपना स्पष्टीकरण देना चाहिए ताकि लोगो में भ्रम की स्थिति को दूर किया जा सके । अगर इसके सरकारी होने की जानकारी सरकार की तरफ से आती है तो एनसीआर खबर इसको प्रकाशित करेगा





