कभी आजम के कट्टर सियासी दुश्मन माने जाने वाले पूर्व सांसद अमर सिंह अब उनके प्रति नरम दिख रहे हैं लेकिन सपा महासचिव राम गोपाल यादव के प्रति उनकी तुर्सी अब भी बरकरार है। अमर सिंह ने यहां शनिवार को अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आजम खां से अब उनके कोई मतभेद नहीं हैं। लेकिन उन्होंने यह स्वीकार करने में कोई हिचक नहीं दिखाई कि राम गोपाल यादव से उनका विवाद है।
उन्होंने कहा, राम गोपाल उनका विरोध करते हैं, इसकी उन्हें परवाह भी नहीं है। इशारों-इशारों में उन्होंने राम गोपाल पर निशाना साधते हुए कहा, अखिलेश सरकार अच्छा काम कर रही है, लेकिन सपा प्रवक्ताओं की फौज इसका प्रचार नहीं कर पा रही है। दुष्प्रचार ज्यादा हो रहा है।
सपा में शामिल होने की अटकलों को खारिज करते हुए अमर ने कहा, वह मुलायम सिंह यादव व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलने नहीं आए थे बल्कि अपने भाई व भतीजे से मिलने आए थे। इनके साथ उनके पारिवारिक रिश्ते थे, हैं और आगे भी रहेंगे।अमर सिंह ने कहा, आजम से उनका जो भी झगड़ा या मतभेद था वह रामपुर को लेकर था जहां से जयाप्रदा चुनाव लड़ती थीं लेकिन अब यह विवाद खत्म हो गया है। सरकार के कामकाज की तारीफ करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि पार्टी के अधिकृत प्रवक्ता क्या कर रहे हैं?
मुजफ्फरनगर कांड संयुक्त राष्ट्र तक पहुंच गया। बदायूं कांड को तूल देकर यूपी को रेप कैपिटल बता दिया गया। बदायूं कांड में जब राज्य सरकार को सीबीआई की क्लीनचिट मिली तो सपा के प्रवक्ताओं ने ठीक से प्रचार नहीं किया।
जया बच्चन ने गांव-गांव जाकर महिलाओं को यह बात क्यों नहीं बताई? कहा, जया बच्चन एसी रूम में बैठकर राजनीति करती हैं। राजनीति में केवल अच्छा काम करना जरूरी नहीं होता। ढोल-नगाड़ा पीटकर इसे बताना भी जरूरी होता है।
आप में छिड़ी जंग पर उन्होंने पूछा, देश में टेप की राजनीति कब बंद होगी? पहले उन्हें टेपकांड में फंसाया गया और अब केजरीवाल को। केजरीवाल की तारीफ करते हुए कहा, प्रशांत और योगेंद्र यादव भाजपा के इशारे पर आप को खत्म करने का षडयंत्र कर रहे हैं। ये फल भुगतेंगे।