
सोमवार को सुप्रीमकोर्ट में सहारा मुद्दे पर सुनवाई के दौरान उस समय अचानक माहौल काफी खुशगवार हो गया जब वरिष्ठ वकील और पूर्व केन्द्रीय मंत्री कपिल सिब्बल द्वारा सुनाए गए शेर का वरिष्ठ न्यायाधीश ने भी शायरी से जवाब दिया।
सुनवाई के दौरान सुब्रत राय सहारा की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने जमानत की रकम का जुगाड़ करने केलिए आखिरी मौका देते हुए कहा कि हमारे लिए करो या मरो जैसी स्थिति है।
अपनी हालातों को बयां करने के लिए उन्होंने शेर पढ़ा …रोज की जंग है, कहीं कटी पतंग है। मौका मिला फिर भी लगा रास्ते तो तंग हैं।… सिब्बल की शायरी पर न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर ने कहा …बहुत खूब..।
लेकिन पीठ केएक अन्य न्यायमूर्ति एके सिकरी ने सिब्बल के शेर का जवाब एक शेर से दिया। न्यायमूर्ति सिकरी ने कहा …दर्द सहने की यूं आदत सी हो गई है, जिस दिन न मिले दर्द तो होता है दर्द का अहसास। न्यायमूर्ति सिकरी की इस शायरी से बेहद तनावभरे माहौल में हो रही सुनवाई के बीच कुछ चेहरों पर अनायास मुस्कान दिखाई दी।इससे पूर्व सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत राय सहारा को जेल से बाहर निकालने केलिए सहारा समूह को अपनी संपत्तियों को बेचकर जमानत की रकम का जुगाड़ करने के लिए तीन महीने का वक्त दिया है। अदालत ने साफ किया कि यह आखिरी मौका है। अगर इस अवधि तक फंड की व्यवस्था न हो सकी तो संभव है कि शीर्ष अदालत द्वारा कोर्ट रिसीवर को नियुक्त कर दिया जाएगा।
न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय विशेष पीठ ने सुब्रत राय और समूह के दो निदेशकों को संपत्तियों की डील करने केलिए एक बार फिर से तिहाड़ जेल में विशेष सुविधा प्रदान की है।
इसके तहत उन्हें दो लैपटॉप और मोबाइल फोन की सुविधा दी जाएगी। साथ ही उन्हें इंटरनेट की भी सुविधा मिलेगी। गत वर्ष चार मार्च से जेल में बंद सहारा प्रमुख सुब्रत राय सहारा को जमानत के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की दरकार है।पीठ ने सहारा समूह के प्रस्तावित योजना को देखते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि समूह द्वारा गंभीरता से प्रयास किए जा रहे हैं। इससे पहले सिब्बल ने अदालत से गुहार की कि उन्हें फंड का जुगाड़ करने का आखिरी मौका दिया जाए। शीर्ष अदालत ने साथ ही 10 घरेलू संपत्तियों को बेचने की भी इजाजत दी है। इसके अलावा अदालत ने ऐंबी वैली सिटी के कुछ हिस्सों को भी बेचने की अनुमति दे दी है।
सहारा समूह की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने कहा कि कि वह नकद की व्यवस्था हांगकांग की कंपनी नियोन लिमिटेड के द्वारा करेगी। नियोन लिमिटेड बैंक ऑफ चायना को लोन की रकम चुकाएगी। सहारा समूह ने तीन विदेशी होटलों में हिस्सेदारी केलिए बैंक ऑफ चायना से 820 मिलियन अमेरिकी डॉलर से ऋण लिया था।
उन्होंने बताया कि नियोन लिमिटेड की जवाबदेही स्पेनिश कॉरपोरेट इनवेसटमेंट बैंक बीबीवीए लिमिटेड ले रही है। ऐंबी वैली के 600 एकड़ जमीन केलिए नियोन लिमिटेड सहारा को 900 मिलियन यूरो ऋण देगा। इसकेअलावा 5000 रुपये बैंक गांरटी की व्यवस्था एचएसबीसी के माध्यम से होगी।
मालूम हो कि सुब्रत राय सहारा और समूह के दो निदेशक गत वर्ष चार मार्च से जेल में बंद हैं। सुब्रत राय को जमानत के लिए पांच हजार करोड़ रुपये नकद और इतनी ही राशि की बैंक गारंटी की दरकार है।


