बीजेपी नेता और राज्यसभा सदस्य आरके सिन्हा को प्लॉट दिलाने के नाम पर 6 करोड़ 60 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है. सांसद का आरोप है कि जमीन दिलाने के नाम पर उनके साथ यह ठगी की गई. सांसद की शिकायत पर कोतवाली फेज तीन की पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और मामले में जांच जारी है. थाना फेस-3 के प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा को यमुना एक्सप्रेस वे स्थित अलीगढ़ जनपद केसिमरोठी में जमीन खरीदना था. इसके लिए पिरामिड फिनमार्ट प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर राजीव शंकर तिवारी से 20 नंवबर 2018 को बातचीत हुई
सौदा तय होने पर सांसद ने बीस प्रतिशत एडवांस के रूप में 6 करोड़ 60 लाख रुपये दे दिए. इसके बाद सांसद के वकीलों ने जब जमीन के बारे में पता किया तो पता चला कि राजीव शंकर तिवारी के पास उस जमीन का मालिकाना हक ही नहीं है.
इस कंपनी का पंजीकृत कार्यालय शशि गार्डन नई दिल्ली में है जबकि मार्केटिंग कार्यालय सेक्टर-2 में है। शिकायत के अनुसार एग्रीमेंट होने से पहले 13 नवंबर को उन्होंने अपने अकाउंट से चेक के जरिये कंपनी के अकाउंट में छह करोड़ 60 लाख रुपये (20 प्रतिशत एडवांस) ट्रांसफर कर दिए। आरोप है कि एग्रीमेंट के बाद जब उनके वकील ने जमीन के कागजातों की छानबीन की तो पता चला की एग्रीमेंट में दिखाई गई कोई भी जमीन इस कंपनी या इस व्यक्ति के स्वामित्व में है ही नहीं।
आर के सिन्हा का आरोप है कि मुझे गलत जानकारी देकर धोखा दिया गया। धोखाधड़ी के बारे में जब राजीव शंकर तिवारी बात की गई तो उसने इसके बदले कहीं और जमीन दिलाने की बात कही, लेकिन उन्होंने कहा कि मुझे केवल वही जमीन चाहिए जो दिखाई गई है। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया है कि पीएफएम कंपनी का निदेशक राजीव शंकर तिवारी आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है। उसके खिलाफ बिहार के पटना में भी जमीन से संबंधित धोखाधड़ी का मामला दर्ज हो चुका है।
क्षेत्राधिकारी द्वितीय पीयूष कुमार सिंह ने कहा कि अलीगढ़ में जमीन के नाम पर धोखाधड़ी का मामला है। एडवांस के रूप में रकम दी गई थी। शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज जांच की जा रही है।