राजनीति

जब सरकार के ‘अपने’ लगे बिफरने तो राजा कैसे होंगे गिरफ्तार?

नई दिल्ली। राजा भैया की कुर्सी जाने से अब सपा विधायक भी बिफरने लगे हैं। पार्टी लाइन का विरोध करते हुए कई विधायक और वरिष्ठ नेता राजा भैया को अपना समर्थन देते हुए उन्हें निर्दोष बता रहे हैं। विधायक अखिलेश सिंह ने कहा है कि नौकरशाहों के इशारे पर राजा भैया को फंसाया जा रहा है। राजा भैया के समर्थन में बैंठक करने की बात भी कही। उधर बाहुबली मुस्लिम विधायक मुख्तार अंसारी भी राजा भैया के पक्ष में हैं। सपा के वसीम अहमद भी राजा भैया को निर्दोष बता रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक राजा भैया के समर्थन में मीटिंग करने विधायक अपनी बातें सपा सुप्रीमों को बताएंगे।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के बलीपुर गांव में हुई डीएसपी हत्या के मामले में सीबीआइ ने गुरुवार को इलाके के बाहुबली विधायक व पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। सीबीआइ ने गत दो मार्च की घटना के सिलसिले में कुल चार मुकदमे दर्ज किए हैं।

डीएसपी की पत्नी की तहरीर पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने राजा भैया के खिलाफ हत्या की साजिश रचने का मुकदमा दर्ज किया था। इसी के बाद बीते सोमवार को राजा भैया ने प्रदेश मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया था।

पूर्व मंत्री के खिलाफ सीबीआइ ने हत्या का मुकदमा डीएसपी जिया उल हक की पत्नी परवीन आजाद की तहरीर के आधार पर दर्ज किया है। हत्या के अतिरिक्त राजा भैया पर आपराधिक साजिश, दंगा और हिंसा भड़काने के लिए सुनियोजित कृत्य करने का आरोप लगाया गया है। इन धाराओं में तीन अन्य भी आरोपी बनाए गए हैं। अब जांच का दायरा आगे बढ़ाते हुए सीबीआइ कभी भी राजा भैया से पूछताछ कर सकती है या उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। इससे पहले सीबीआइ अधिकारियों की टीम मौका मुआयना के लिए बलीपुर गांव का दौरा भी करेगी। जांच में एजेंसी की लखनऊ इकाई की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

जांच एजेंसी ने बलीपुर गांव के प्रधान नन्हे यादव और उनके भाई सुरेश यादव की हत्या के मामलों को भी हाथ में लिया है। तीनों हत्या और घटनाक्रम की बाबत कुल चार मुकदमे दर्ज किए गए हैं। मामलों में संलिप्तता के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा गिरफ्तार रोहित सिंह और गुड्डू सिंह को अब सीबीआइ को सौंप दिया जाएगा, जिनसे आवश्यकतानुसार एजेंसी पूछताछ करेगी।

राजा भैया का नजदीकी रोहित सिंह प्रधान नन्हे यादव की हत्या का आरोपी है जबकि गुड्डू सिंह पर डीएसपी और सुरेश यादव की हत्या का आरोप है। दर्ज रिपोर्ट के अनुसार डीएसपी को रात नौ बजे मारा गया जबकि सुरेश यादव की हत्या उसके 15 मिनट बाद हुई। दर्ज मुकदमे में बताया गया है कि राजा भैया के निर्देश पर कुंडा नगर पंचायत अध्यक्ष गुलशन यादव, पूर्व मंत्री के प्रतिनिधि हरिओम श्रीवास्तव, पूर्व मंत्री के ड्राइवर रोहित सिंह और नजदीकी गुड्डू सिंह ने पहले डीएसपी की हॉकी और लोहे की रॉड से पिटाई की। इसके बाद उनकी गोली मारकर हत्या कर दी। प्रधान नन्हे यादव की हत्या के मामले में सीबीआइ ने अजय कुमार पाल, कमल कुमार पाल, अजीत सिंह और राजा भैया के नजदीकी राजीव कुमार सिंह को नामजद किया है।

क्या था घटनाक्रम

प्रतापगढ़ जिले के हथिगवां थाना क्षेत्र के वलीपुर गांव में दो मार्च को वलीपुर के ग्राम प्रधान नन्हें यादव की जमीनी विवाद में हत्या कर दी गयी। गांव में नन्हें यादव का शव लेने जब पुलिस पहुंची तो उपद्रव शुरू हो गया और पुलिस कर्मी पलायन कर गये। करीब दो घंटे बाद गांव में सीओ कुंडा जियाउल हक और ग्राम प्रधान के भाई सुरेश यादव का शव बरामद हुआ। हमलावर सीओ की मोबाइल और सर्विस रिवाल्वर लेकर फरार हो गये। अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि पहले सीओ की मौत हुई या सुरेश यादव की। यह भी रहस्य बना है कि दोनों को किसने मारा?

सीओ की पत्नी परवीन ने अपने पति की हत्या के षड्यंत्र का आरोप राजा भैया पर लगाया है। परवीन की तहरीर पर पुलिस ने तीन मार्च को राजा भैया के खिलाफ हत्या के षड्यंत्र का मुकदमा दर्ज किया। इसके पहले तीन और मुकदमे दर्ज हो चुके थे।

NCR Khabar News Desk

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