main newsकारोबारभारत

रुपे से घटेगी नकदी लेनदेन पर निर्भरता

08_05_2014-08cnt03नई दिल्ली। देश के नए पेमेंट गेटवे रुपे से घरेलू अर्थव्यवस्था में नकद भुगतान पर निर्भरता कम होगी। साथ ही इससे देश के कार्ड पेमेंट सिस्टम में एकरूपता लाने में मदद मिलेगी। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने गुरुवार को यह राय जताई। वह यहां रुपे कार्ड देश को समर्पित कर रहे थे। इसके साथ ही भारत ऐसे चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जिनके पास अपना घरेलू कार्ड पेमेंट सिस्टम है।

मुखर्जी ने कहा कि भारत जैसे बड़े देश में आने वाले वर्षो में कार्ड के जरिये होने वाले लेनदेन में खासी वृद्धि होगी। रुपे के कारण न सिर्फ नकद लेनदेन पर निर्भरता में कमी आएगी, बल्कि देश में उपभोक्ताओं को एक बेहतरीन भुगतान विकल्प भी हासिल होगा।

आइआरसीटीसी जल्दी ही प्री-पेड रुपे कार्ड का एक वेरिएंट जल्दी ही लांच करेगा। इस कार्ड की मदद से रेलवे टिकट बुक किए जा सकेंगे। नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया [एनपीसीआइ] के चेयरमैन बालाचंद्रन एम ने कहा कि रुपये कार्ड का विदेश में विस्तार किया जाएगा। इसकी खातिर अमेरिका की डिस्कवर फाइनेंशियल सर्विसेज और जापान की जेडीसी से गठजोड़ के लिए वार्ता चल रही है।

वित्तीय सेवा सचिव जीएस संधू का कहना है कि उपभोक्ताओं को रुपे वीजा, मास्टर कार्ड जैसे मौजूदा अंतरराष्ट्रीय कार्डो से कम लागत में उपलब्ध होगा। सभी सरकारी बैंक रुपे कार्ड से जुड़े 25,331 एटीएम स्थापित कर चुके हैं। चालू वित्त वर्ष में ऐसे 9,000 और एटीएम लगाए जाएंगे। रुपे कार्ड देश में मौजूद सभी 1.6 लाख एटीएम और 95 फीसद प्वाइंट ऑफ सेल यानी पीओएस टर्मिनल्स में स्वीकार किया जाएगा। इसके अलावा देश की मौजूदा सभी ई-कॉमर्स वेबसाइटों [करीब 10,000] पर यह कार्ड स्वीकार होगा।

राष्ट्र को समर्पित किए जाने से पहले ही देश के करीब 250 से ज्यादा बैंक रुपे कार्ड जारी कर रहे हैं। इस साल अप्रैल तक ऐसे दो करोड़ कार्ड जारी हो चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा संख्या किसान कार्डो की है। 150 से ज्यादा सहकारी बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक रुपे एटीएम कार्ड भी जारी कर रहे हैं।

क्या है रुपे

यह एक कार्ड के जरिये भुगतान करने के लिए घरेलू स्तर पर निर्मित तंत्र है। नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया [एनपीसीआइ] द्वारा विकसित यह तंत्र दुनिया का सातवां पेमेंट गेटवे है। रुपे के विकास से भारत दुनिया के ऐसे चुनिंदा देशों में शामिल हुआ है जिन्होंने घरेलू स्तर पर इस तरह की प्रणाली विकसित की है।

फायदे का सिस्टम

वीजा और मास्टरकार्ड की तरह अब ग्राहकों के भुगतान संबंधी सत्यापन का काम रुपे के जरिये किया जा सकेगा। विभिन्न बैंकों के अलावा वित्तीय एवं वाणिज्यिक संस्थान इस तंत्र से जुड़े कार्ड वेरिएंट लांच करके ग्राहकों को विस्तृत भुगतान सुविधाएं उपलब्ध करा सकेंगे। रुपे नेटवर्क से जुड़े कार्डो का इस्तेमाल एटीएम, पीओएस और ऑनलाइन सेल्स के दौरान किया जा सकेगा। इस सिस्टम के तहत ट्रांजेक्शन घरेलू स्तर पर प्रोसेस किए जाएंगे। इसके चलते क्लीयरिंग और सेटलमेंट की लागत कम होगी। साथ ही बैंकों को विदेशी मुद्रा के बजाय भारतीय मुद्रा में भुगतान करने का लाभ मिलेगा।

NCR Khabar News Desk

एनसीआर खबर.कॉम दिल्ली एनसीआर का प्रतिष्ठित और नं.1 हिंदी समाचार वेब साइट है। एनसीआर खबर.कॉम में हम आपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय,सुझाव और ख़बरें हमें mynews@ncrkhabar.com पर भेज सकते हैं या 09654531723 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं

Related Articles

Back to top button