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मुलायम का मास्टरप्लान 2014

mulayam-singh-yadav-51555f211d32d_lचौंकियेगा मत अगर २०१४ के लोकसभा चुनाव के बाद मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री बने.
चौंकगए ना.
यही मास्टर गेम प्लान है मुलायम का. अगर उनका दांव दिल्ली में नही लगा तो वो वापस लखनऊ जायेंगे. बेटे को कुर्सी से उतारेंगे और खुद सी एम् की गददी संभालेंगे. दरअसल मुलायम ने यू पी का किला जीतते ही अपना सारा फोकस लालकिले पर कर दिया था. शिवपाल और रामगोपाल को दूर रखते हुए उन्होंने पुत्र अखिलेश को सिंहासन पर जमाया और दिल्ली कूच कर गए. वो दो बार दिल्ली की सरकार गिराने के कोशिश कर चुके है पर शरद पवार ने उन्हें दोनों बार गच्चा दिया. मुलायम को लगता है की ३५-४० सीट यू पी से लाकर वो हर हाल में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी के नेता होंगे और त्रिशंकु की स्थिति में राजपथ का त्रिदेव उनके अलावा कौन होगा. अगर आंकडो ने साथ दिया तो ये स्थिति राजनीतिक तौर पर सही है.
लेकिन अगर मोदी वेव चली और बीजेपी २०० के ऊपर लांघ गयी तो मुलायम को ५०० किलोमीटर पीछे हटकर लखनऊ में बैठना होगा. उनके पास तब मुख्य मंत्री की कुर्सी के अलावा कुछ भी नही होगा.
सच तो ये है की अखिलेश अब तक मुलायम के लखनऊ में नाईटवाचमैन है …अखिलेश को सिर्फ दो कारणों से कुर्सी पर जमाया गया है . नंबर एक कि मुलायम को जब भी ज़रूरत हो वो उस कुर्सी पर आसानी से बैठ सकें और नंबर दो कि मुलायम के अचानक ना रहने पर उनके बेटे के सत्ता हस्तान्तरण पर चचा भतीजे भांजी ना मारे .
मित्रों तिकडम में मुलायम का सानी नही. बाज़ी पलटने में वो माहिर है. लेकिन इस बार एक और बाजीगर मैदान में है .

दीपक शर्मा (आज तक )

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